पूर्णिमा कब है?

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पूर्णिमा: हिंदू धर्म में चंद्रमा के शुक्ल पक्ष के पावन विवाद को याद कर्त्तव्य होता है और हर मास में, पूर्णिमा को धर्मिक त्योहार माना जाता है। पूर्णिमा को पूर्णिमांत भी कहा जाता है।

भारतीय हिंदू परंपरा में पूर्णिमा:

पूर्णिमा को हिन्दू परंपरा में मार्गशीर्ष और कार्तिक माह का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है और इसे उत्सव और पूजा के साथ मनाया जाता है जो समाज की एक आध्यात्मिक संबोधन और सभी के संगठित समर्थन का अभिव्यक्ति है।

पूर्णिमा कब आती है:

पूर्णिमा का तिथि अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह में बदलता है। पूर्णिमा का दिन चंद्रमा के पूर्व पक्ष के अंतिम दिन की स्थिति में होता है।

पूर्णिमा के महत्वपूर्ण दिन:

  1. बुद्ध-पूर्णिमा: बुद्ध-पूर्णिमा को वैशाख माह के पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।
  2. रक्षा-बंधन: श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षा-बंधन के रूप में मनाया जाता है।
  3. गुरुपूर्णिमा: आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरुपूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।

पूर्णिमा के उत्सव:

पूर्णिमा के उत्सव में लोग व्रत रखते हैं और मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं। इसके अलावा, भीड़ एकत्रित होती है और स्थानिय रास्ते पर मेले और मार्केट्स की व्यवस्था होती है।

पूर्णिमा के उत्सव के उदाहरण:

  1. करवा चौथ: करवा चौथ की पूजा करने का मान्यत पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उ.प्र. में है।
  2. गुरुपूर्णिमा: गुरुपूर्णिमा को श्रद्धालु अपने गुरु की पूजा और आशीर्वाद के लिए उनके पास जाते हैं।

पूर्णिमा के चमत्कारिक प्रभाव:

पूर्णिमा के दिन कई लोग व्रत रखते हैं और ध्यान आदि करने के लिए उत्सुक होते हैं। चंद्र मंत्र जप, स्नान, दान, खान पीन के नियमों का मानने के साथ ही इस दिन किसी विधवा, खुद के वयस्क हरकतों और अशिक्षित बच्चे, वृद्ध और गरीब व्यक्तियों की सहायता करना भी सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है।

पूर्णिमा का महत्व आज की दुनिया में:

आज की तेजी से बदलती जीवन शैली में पूर्णिमा का महत्व भी कम होता जा रहा है। लेकिन समय और परिवर्तन के बावजूद इसे ध्यान में रखना चाहिए क्योंकि यह हमारी प्राचीन संस्कृति और धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पूर्णिमा की विधियाँ और समर्पण:

पूर्णिमा के दिन उपायुक्त तरीके से पूजा की जानी चाहिए और चंद्र मंत्र का जाप करना चाहिए। ध्यान करने, कार्य की वीर्यता और सफलता के लिए इसे आदर्श टाइम माना जाता है।

पूर्णिमा के लिए व्रत विधि:

  1. पूर्णिमा के दिन व्रत रखना: व्रत रखने से किसी को अशुभ फल प्राप्त नहीं होता है और यह उसके जीवन में खुशियों की वृद्धि करता है।
  2. धन का दान करना: पूर्णिमा के दिन धन का दान करना बहुत ही महत्वपूर्ण है और यह उसके जीवन में धन लाभ के लिए भी अचूक माना गया है।

पूर्णिमा के अनुसार आयुर्वेद:

पूर्णिमा के दिन शरीर के सम्पूर्ण क्षेत्र में अच्छे स्वास्थ्य और उचित स्वस्थ्य के लिए गर्भपात अन्न दान से होती है।

पूर्णिमा अनुसार जोतिष और पौराणिक कथाये:

पूर्णिमा को बुद्ध फूल मिठाई, रंगोली, दीपक लगाना चाहिए, विशेष रूप से सफेद वस्त्र पहनना चाहिए। हिंदू वशिष्ट आदि आदि पं अनुष्ठान करते हैं।

पूर्णिमा के महत्वपूर्ण त्योहार:

बुद्ध-पूर्णिमा: बुद्ध-पूर्णिमा विवाद के पूर्व पंजाबियों और किसानों के पास छुट्टी मानी जाती हैं।

रक्षा-बंधन: रक्षा-बंधन की दिवस समाज में विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है।

पूर्णिमा के महत्वपूर्ण टिप्स:

आपको पूर्णिमा के दिन के लिए १ लीटर दूध, ११ बदाम,७ रत्ती गाजर में लास देखना चाहिए, और एक केला और एक दस्तर पर तैयार होकर रखना चाहिए।

पूर्णिमा के महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर:

1. क्या है बुद्ध-पूर्णिमा:

बुद्ध-पूर्णिमा हिंदू धर्म में बुद्ध के जीवन और सिद्धार्थ गौतम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

2. रक्षा-बंधन का महत्व क्या है:

रक्षा-बंधन एक प्रमुख हिन्दू त्योहार है जो भाई-बहन के संबंध को समर्पित करता है।

3. पूर्णिमा का महत्व क्या है:

पूर्णिमा हिंदू धर्म में चंद्रमा के पूर्व पक्ष के आखिरी दिन के रूप में मानी जाती है और यह धार्मिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

4. पूर्णिमा की विधियाँ क्या हैं:

पूर्णिमा के दिन उपायुक्त तरीके से पूजा की जानी चाहिए और चंद्र मंत्र का जाप करना चाहिए।

5. पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है:

पूर्णिमा का महत्व हिंदू धर्म में चंद्रमा के पूर्व पक्ष के आखिरी दिन के रूप में है।

6. पूर्णिमा की परंपराएं क्या हैं:

पूर्णिमा को विभिन्न रूपों में मनाया जाता है जैसे रक्षा-बंधन, गुरुपूर्णिमा, बुद्ध-पूर्णिमा।

7. किस प्रकार से पूर्णिमा के दिन की प्रत्यक्षता की जानकारी की जा सकती है:

ज्योतिष और वेदांत में दिन की प्रत्यक्षता सर्र्वाधिक महानतपूर्ण भूमिका निभाता है।

8. क्यों पूर्णिमा को विशेष रूप से मनाया जाता है:

पूर्णिमा में लोग अद्वितीय तरीके से पूर्ण विश्वास रखते हैं जिसमें वह ध्यान और नमस्कार का पूर्ण सम्मान अदा करते हैं।

9. पूर्णिमा के उत्सव क्यों महत्वपूर्ण होते हैं:

Diya Patel
Diya Patel
Diya Patеl is an еxpеriеncеd tеch writеr and AI еagеr to focus on natural languagе procеssing and machinе lеarning. With a background in computational linguistics and machinе lеarning algorithms, Diya has contributеd to growing NLP applications.

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